May 4, 2004

School

एक कस्बे मे एक स्कूल,
जिसमे कुछ टीचर थे फ़ाजूल।
न उनको कुछ आता था,
दूसरों को क्यों बनाते फ़ूल।।

उसी स्कूल मे बच्चे ऐसे,
जो करते तंग अच्छों को।
बच्चे तुमे मारेगें,
टीचर भी न छुडाएगें।।

लडके तुमे तंग करेगें,
बना देंगे तुमको शैतान।
अपनी टीम मे मिला लेंगे पर,
बुरे काम मे तुमारा नाम।।

गालियाँ तुमे निकलेगें,
तुमी से सब लेंगे काम।
पेपर मे नकल करेंगे,
कहा टीचर को तो गाली-गलोच।।

कभी-कभी तो टीचर भी,
उन बच्चों का देते है साथ।
नकल करवाने मे उनका भी,
पूरा-पूरा होता है हाथ।।

ऐसे टीचरों को बाहर निकालो,
नहि तो बच्चों का भविष्य खराब।
और उन बच्चों को निकालो,
जो है पूरी तरह शैतान।।

यदि वह करेगें दूसरों को तंग,
तो स्कूल करना पडेगा बंद।
कृपा करो उन बच्चों पर,
जो हैं अभी तक नादान।।

जब बढ गया साहस उनका,
मारेगें उन बच्चों को।
फ़िर चाहे सिर फ़ूटे याँ टांग टूटे,
मारेगें-पीटेगें हम तो।।

हमको बहादुर बनना है,
इन बच्चों से हमें लडना है।
फ़िर मन लगा कर पढ़ना है,
भारत माँ का नाम रोशन करना है।।

यही मेरा नारा है,
जो सब बच्चों को प्यारा है।
डरना नहि है किसी से,
यह आप ठान लो,
जीत हमारी ही होगी,
यह आप मान लो।।।

उस स्कूल को तो बंद करवाना है,
जिस मे ये सब पाप।
स्कूल के कर्पट टीचर भी,
हमारा ही करेंगे जाप।।

मैं एक सच्चा हूं,
पुष्करणा कास्ट का बच्चा हूं।।।





© Viney Pushkarna

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