Ek Do

एक-दो,एक-दो,
इन जंजीरों को फ़ैंक दो,
आजादी से है जीना हमको,
यह नारा सुचेत लो।

एक-दो,एक-दो _ _ _ _

भारत देश हमारा है,
यह हम सब का नारा है।
छोड दो गुलामी को,
हमने इसे दुदकारा है।।
भगा दो फ़िरंगीयों को,
यह भारत देश हमारा है।।।

एक-दो,एक-दो _ _ _ _

राख नही है हम,
यह आज बत्ता देंगे।
ठान लिया है कि,
आज फ़िरंगीयों को भगा देंगे।।

एक-दो,एक-दो _ _ _ _

भारत देश हमारा है,
यह हम सब को प्यारा है।
मर जाएँगे इस के खातिर,
क्यों कि इसे ने हमे संवारा है।

एक-दो,एक-दो _ _ _ _

आओ भाईयो,आओ बहनों,
इस को हम आगे बढाएं।
स्वतन्त्रता का यह एक नया गीत,
देश का हर बच्चा गाए।।

एक-दो,एक-दो _ _ _ _

आओ नाचे,आओ गाएं,
विश्व मे नयी पहचान बनायें
ब्राह्मण एवम् ब्राह्म ज्ञान का,
विश्व मे नाम चमकायें।।।

एक-दो,एक-दो _ _ _ _

©Viney Pushkarna




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