Bheega Bheega

Bheega Bheega

भीगा भीगा मैं चला,
भीगा भीगा मैं चला ।
पर भीगा न, क्यों दिल मेरा,
भीगा भीगा मैं चला ।

बारिश आई ये तन गला,
क्या मैं देखूं कोई न भला,
मन मेरे काला खुदी तू है,
तो दिल बता, करे भी तो क्या ।

भीगा भीगा मैं चला ........
न पल बड़ा न मैं बड़ा,
मैं तो हूँ आज, भी वहीँ खड़ा,
तू लौट आ, न यूं सता,
न दूर जा, आ पास आ ।

भीगा भीगा मैं चला ........
जो सर न झुका, आज क़दमों पड़ा,
तुही ये बता, क्यों मैं खड़ा ।
तू सोच ज़रा, क्यों ये हुआ,
पल पल पल पल , टूट गया ।

भीगा भीगा मैं चला ........
वो अंशु याद, करे तू आ,
उस मुस्कान की, आज बात सुना,
क्यों दूर हुआ, तडपे जिया,
आ लौट आ, सावन भी गया ।

भीगा भीगा मैं चला ........
पंडित बैठा, जान बुल,
क्यों बोले ज़माना, सब खो गया,
जाने खुदा, कैसे सहे,
सहते सहते, दम गया ।

भीगा भीगा मैं चला ........



© Viney Pushkarna
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