स्त्री - एक सत्य

उठाली फिर कलम पंडित लिखने को, घिंनोनि तस्वीर समाज की दिखानी है, बाहर से दिखने वाला हर सफेद चौला, अंदर से कितना काला और खाली है। बालक की ...

ਸੋਚਾਂ ਗੁੱਜੀਆਂ ਰੁਜਜਿਆਂ ਦੇ ਲੇਖ

ਸੋਚਾਂ ਗੁੱਜੀਆਂ ਰੁਜਜਿਆਂ ਦੇ ਲੇਖੇ, ਕੋਈ ਦਿੱਲ ਚ ਵਸਾ ਜੱਦ ਦੇਖੇ। ਹੰਜੂ ਡਿੱਗਦੇ ਨੇ ਪਾਕ ਮੁਹੱਬਤ, ਫ਼ਕੀਰੀ ਬੰਦ ਅੱਖੀਂ ਰੱਬ ਵੇਖੇ। ਸੋਚਾਂ ਗੁੱਜੀਆਂ ਰੁਜਜਿਆਂ ਦੇ ...
ਛੱਡ ਮਨਾਂ ਤੂੰ ਦੇਹ ਦੀਆਂ ਮੰਡੀਆਂ ਨੂੰ, ਇਹ ਬਾਅਦ ਮੌਤ ਨਹੀਂ ਨਾਲ ਜਾਣਾ। ਕਮਾ ਸ਼ੋਹਰਤ ਆਪਣੇ ਕੀਤੇ ਤੋੰ, ਜਿਸਨੇ ਤੈਨੂੰ ਸਵਰਗ ਲੈ ਜਾਣਾ। ਪਾਕ ਇਸ਼ਕ ਤੂੰ ਕਰ ਪੰਡ...

Chadd Mana

ਛੱਡ ਮਨਾਂ ਤੂੰ ਦੇਹ ਦੀਆਂ ਮੰਡੀਆਂ ਨੂੰ, ਇਹ ਬਾਅਦ ਮੌਤ ਨਹੀਂ ਨਾਲ ਜਾਣਾ। ਕਮਾ ਸ਼ੋਹਰਤ ਆਪਣੇ ਕੀਤੇ ਤੋੰ, ਜਿਸਨੇ ਤੈਨੂੰ ਸਵਰਗ ਲੈ ਜਾਣਾ। ਪਾਕ ਇਸ਼ਕ ਤੂੰ ਕਰ ਪੰਡ...
Poetry Of Soul

Poetry Of Soul

ਵਾਰ ਇਸ਼ਕ ਤੋਂ ਇਸ਼ਕ ਕਰਾਂ, ਰੂਹ ਤੋਂ ਮੈਂ ਇਨਸਾਨ ਬਣਾ। ਨ ਖਫ਼ਾ, ਨ ਮੈਂ ਸੁਲਫੀ, ਇਨਸਾਨ ਹਾਂ ਨ ਅਹਿਸਾਨ ਕਰਾਂ। ਰੋੜ ਦੇ ਪੰਡਿਤ ਦੇਹ ਦੀਆਂ ਹਸਰਤਾਂ, ਆਤਮਾ ਤ...

Ithasik Panne

आज इतिहास के पन्नों को टीटोला जो, लिखा है जीवन का हर लम्हां है बोला जो। बच्पन से लड़कपन तक जो दोस्त बन कर आती थी, साल में कभी कभी एक मुला...
प्यार ज़ज्बात और विशवास से रिश्ता बनाया सांस क्या रूह तक तुझी हो समाया बहुत मुश्किलों से गुज़र कर जीते याद है कैसे दूर जियूं जो रिश्...

मुश्किल पल

प्यार ज़ज्बात और विशवास से रिश्ता बनाया सांस क्या रूह तक तुझी हो समाया बहुत मुश्किलों से गुज़र कर जीते याद है कैसे दूर जियूं जो रिश्...
प्रेम भाव (०१)

प्रेम भाव (०१)

लिखना मैं चाहूं अफसाने यादों के मिल जाएँ अब हम हैं पल फरियादों के रिश्ता यूं जुड़ जाए आँगन हो वादों का है अटूट रिश्ता, मेरे संग साजन का ...
Samajh le Kanha

Samajh le Kanha

इस तड़प को मेरे कान्हा बजा मुरली पैगाम सुनाना तुझे देखन निहारन नहीं पावत मैं कैसे रोकूँ मोतियों की धारा मेरी तड़प को समझ ले कान्हा कि...
Khamosh in pankhudiyon se dar.

Khamosh in pankhudiyon se dar.

आज मैं सब समेट पाने की कसक में था, दूरियां जो बढीं थी मिटाने के एवज में था राहों में न और किसी को लाने के हक में था मिटा कर चलना था पनप...
Shamless Son...

Shamless Son...

बहुत कर दिया अज़ीज़ आज बेटा, कि माँ को ही पराया कर दिया, कल मिली चाह और साथ ने, पिलाया हर घूँट रुकसाना कर दिया। यह माँ वोही जिसने हर पल...
True Love for Forever

True Love for Forever

दिल चाहता है आज भी उन्हें, पर उनकी हैवानियत दूरी बना देती है। होंठो से कभी चूमा था उन्हें, आज लबों को ख़ाक समझा देती है । दिल चाहता ह...
PAPA

PAPA

सुन्ना ज़रा, ज़माने वालों, कुछ  कहना है, मुझे भी आज । अपने पापा, की परी मैं, अब बनना है, मुझे ही ताज ॥ . सुन्ना ज़रा, ज़माने वालों, कुछ  क...