प्रेम भाव (०१)

प्रेम भाव (०१)

लिखना मैं चाहूं अफसाने यादों के
मिल जाएँ अब हम हैं पल फरियादों के
रिश्ता यूं जुड़ जाए आँगन हो वादों का
है अटूट रिश्ता, मेरे संग साजन का
बिन देखे जाने, मिले दो जो दीवाने
साथ बना साथी, लगे आलम महकाने
रंग लगा लिया ऐसा, फर्क दिखा न आपस का
है अटूट रिश्ता, मेरे संग साजन का
प्रेम का दागा, बाँधा जो आपस में
निभाएंगे रिश्ता , सच्चे एहसासों से
रखें हैं जान नाम उनका और वादा है सांसो का
है अटूट रिश्ता, मेरे संग साजन का
इस प्रेम को हम नाम पंडित जान बताएँगे
इसका निकला निष्कर्ष संस्कृति बनायेंगे
साँसों से बंदी डोर, यही आखरी निशाँ होगा
है अटूट रिश्ता, मेरे संग साजन का
इतना आ गए करीब, न गरीब कहाएंगे
आ पास गए आ, सब हदें मिटाएंगे
बना रहेगा यह नाता चोली संग आंचल का
है अटूट रिश्ता, मेरे संग साजन का ।

Writer Pandit

WRITER: PANDIT

VINEY PANIYA PUSHKARNA

Writer Pandit is the alias name of Viney Pushkarna to write his poems and lyrics. Mr. Pushkarna is writing from the age of 14 years when he was reading in school. His all poems and lyrics are based on situations and the environment he feel in his life. and this is the official blog designed and maintained by Nivednaay Team. for @Writer Pandit.

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